Secret historical mystry of Tajmahal | Why Shah Jahan cut labour's hand ?

 


दुनिया के सात अजूबों का नाम सुनते ही सबके दिमाग में दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारतों में से एक ताजमहल का चित्र उभर आता है। इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था शायद इसी कारण इसे आज पूरी दुनिया में प्रेमी जोड़ों के द्वारा प्यार की अद्भुत मिसाल के तौर पर देखा जाता हैइस व्लग में हमने इस अद्भुत इमारत के बारे में ऐसे आश्चर्यजनक तथ्यों के बारे में बताया है जिन्हें बहुत ही कम लोग जानते हैं

 1. मुमताज महल के मकबरे की छत पर एक छेद है, हालांकि छेद के पीछे कई तरह की कहानियां प्रसिद्ध है जबकि सच्चाई यह है कि जब शाहजहां ने ताजमहल के पूरा बन जाने के बाद सभी मजदूरों के हाथ काट दिए जाने की घोषणा की, ताकि वह कोई और ताजमहल ना बना सके। तो मजदूरों ने इसी छत में एक ऐसी कमी छोड़ दी जिससे कि शाहजहां से बदला लिया जा सके और यह मार्ग ज्यादा दिन ना टीक सके आज भी छेद के कारण मुमताज महल का मकबरा नमी से ग्रसित रहता है।

 2. यदि यमुना नदी नहीं होती तो क्या होता, ताजमहल का आधार एक ऐसी लकड़ी पर बना हुआ है जिसको मजबूत बना रहने के लिए नमी की जरूरत होती है। यदि ताजमहल के बगल में यमुना नदी ना रही होती तो यह लकड़ी मजबूत नहीं होती। आपको बता दें कि यह लकड़ी नदी के पानी सेरोकती है, इसीलिए अगर यमुना नदी नहीं होती तो अभी तक ताजमहल ना होता।

  3 .ताजमहल के चारों ओर के मीनार एक दूसरे की ओर झुके हुए हैं , ऐसा इसलिए है ताकि भूकंपीय बिजली के गिरने की हालत में मीनार को मुख्य मार्ग पर गिरने से बचाया जा सके।

 4. कुतुब मीनार से भी लंबा है ताजमहल, वैसे तो कुतुबमीनार को भारत की सबसे लंबी मीनार के तौर पर जाना जाता है, जिसकी ऊंचाई 72.5 मीटर है लेकिन क्या आप जानते हैं कि ताजमहल की ऊंचाई 73 मीटर है अर्थात ताज महल कुतुब मीनार से आधा मीटर अधिक पहुंचा है।

  5. आप यह जानकर चौक जाएंगे कि ताजमहल में लगे सभी फव्वारे एक साथ ही काम करते हैं दरअसल हर फव्वारे के नीचे एक टंकी लगी है जो कि एक ही समय भर्ती है और दबाव बनने पर पानी ऊपर फेंक दी है। यह सभी फव्वारे बिना किसी मशीन या मोटर के पानी फेकते हैं द्वितीय विश्व युद्ध ,भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने ताजमहल के चारों ओर बांस का घेरा बनाकर उसे हरे रंग की चादर से ढक दिया था , जिससे कि यह दुश्मन को दिखाई ना दे और इस पर हमला ना किया जा सके।

 6.एक खबर यह भी है कि से बनाने वाले मजदूरों के हाथ काट दिए गए थे ताकि वे ऐसी कोई और इमारत ना बना सके, लेकिन शाहजहां अपने इरादे में कामयाब ना हो सका क्योंकि ताजमहल के बाद भी कई अन्य भव्य इमारतें बनवाई गई थी। इन्हें उस्ताद अहमद लाहौरी जिन्होंने दिल्ली के लाल किले को बनाने में काफी मदद की थी

 7. ताजमहल की कलाकृति में पत्थरों को लगाया गया था जो कि किसी की भी आंखों को चओका सकते थे। यह पत्थर चीन तिब्बत और श्रीलंका से मंगवाए गए थे, लेकिन अंग्रेजों ने कीमती पत्थरों को निकाल दिया था

  8. 32 से सोलन की अवधि में जब ताजमहल बना था तब इस पर 32 मिलियन रुपए खर्च हुए थे जिनकी वर्तमान कीमत $800000 है। शाहजहां का यह सपना था कि वह अपने लिए भी एक काला ताजमहल बनवाएं, लेकिन उसके बेटे औरंगजेब द्वारा कैद किए जाने के कारण वह अपना सपना पूरा ना कर सका।

 9. ताजमहल के साथ सेल्फी और नामक व्यक्ति ने ली थी यह सेल्फी ली गई थी जब सेल्फी का दौर ही नहीं था   

10. ताजमहल का रंग बदलता है दिन के अलग-अलग समय के हिसाब से इसका रंग बदलता है। सुबह के समय यह गुलाबी दिखता है और शाम को दूधिया सफेद और चांदनी रात में सुनहरा दिखाई देता है।

 ताजमहल को देखने के लिए 1 दिन में 12000 सैलानी आते हैं। सैलानी पूरी दुनिया में किसी भी इमारत को देखने के लिए नहीं आते

 


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