‘मनसा मूसा’ इतिहास का सबसे आमीर ब्याक्ति। 'Mansa Musa’ the richest person of history. Empire of mansa musa



आज से लगभग 740 साल पहले 1280 ईस्वी में अफ्रीका की किसी अनजान जगह पर पैदा हुआ था मनसा मूसा (Mansa Musa)। अपनी उम्र के 33 बी साल में अबू बकर द्वितीय के बाद यह माली साम्राज्य का शासक बना। मूसा का साम्राज्य वर्तमान Ghana, Timbuktu और माली के विशाल भू भाग पर फैला था। माना जाता है कि मनसा मूसा (mansa Musa) दुनिया का सबसे अमीर आदमी था। उसके पास अकूट संपदा थी। वह नमक और सोने के कारोबार का बादशाह था। कहा जाता है कि जब उसने हज की यात्रा की तब उसके काफिले में 80 ऊंट शामिल थे, जिसमें से हर एक पर लगभग 136 किलो सोना लगा हुय़ा था।


जिस इलाके से उसका काफिला गुजरता था, वहां देखने वाले भीखारियों में मूसा सोने के सिक्के बांट देता था। अपने से पहले शासक अबू बकर द्वितीय की मौत के बाद 1312 में मनसा मूसा माली साम्राज्य का शासक बना। यह वह समय था जब यूरोपीय देश संसाधनों की कमी के कारण गृह युद्ध की चपेट में था। तव माली मैं स्बर्ण युग चल रहा था। यहां नमक और सोने जैसे प्राकृतिक संसाधन भरे पड़े थे। माना जाता है कि मूसा का पश्चिमी अफ्रीकी साम्राज्य दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य था। वह भी ऐसे समय में जब दुनिया में तेजी से सोने की मांग बढ़ रही थी। अनुमान के मुताबिक 1 साल में मालियन साम्राज्य में लगभग 1000 किलो सोने का उत्पादन किय़ा याता था। मनसा मूसा का पूरा नाम मूसा कीटा प्रथम था। राजा बनने के बाद इन्हें मनसा नाम की पदवी मिली जिसका मतलब होता है सुल्तान, विजेता य़ा सम्राट। मुसा के शासनकाल में समृद्धि साम्राज्य का फ्यालाओ पश्चिमी अफ्रीका के एक बड़े हिस्से तक हो गया। यहां तक कि अटलांटिक महासागर के तट से लेकर टिंबक्टू और सहारा रेगिस्तान तक मूसा के साम्राज्य में आ गए। वहीं वर्तमान में मेरिटोनिय़ा, सेनेगल,बुर्किनाफासो, माली, नाइजर, चार्ड और नाइजीरिया भि माली साम्राज्य का हिस्सा थे। क्षेत्र बड़ा, व्यापार में भी प्रगति हुई ,जिससे वहां के लोगों की जीवन का स्तर भी सुधरा और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई। मूसा के साम्राज्य में 200000 सैनिक शामिल थे। इस मे से केवल 40,000 तीरंदाज थे। इतनी बड़ी संख्या में सेना रखना आज के बड़े-बड़े देशों के भी बस की बात नहीं है। 1324 में भि विश्व, मूसा की संपत्ति के बारे में नहीं जानता था। फिर इसी साल मूसा हज की यात्रा के लिए मक्का रवाना हो गया। इस यात्रा में केवल राजा ही अकेला नहीं था। एक काफिला भी राजा मूसा के साथ साथ चल रहा था।

वेहतरीन फार्सी रेशम पहने, हाथ में सोने की छड़ी पकड़े, लगभग 500 लोगों के बाद मनसा मूसा का घोड़ा था। इस काफिले में हजारों सैनिक, कर्मचारी और गुलाम सामिल थे। एक अन्दाजे के मुताबिक इस काफिले में लगभग 60000 लोग शामिल थे। वहीं इस कारवां में ऊंट और घोड़े भी शामिल थे, जिनके पीठ पर सैकड़ों पाउन्ड सोना लगा हुय़ा था। काफिले की लंबाई चौंकाने वाली है। हालांकि यात्रा में भाग लेने वाले लोगों की सठिक संख्या के बारे में उचित दस्तावेज नहीं मिलते, लेकिन ऐतिहासिक रिकार्डों से अनुमान लगाया गया है।

जहां जहां से मूसा का यह विशाल काफिला गुजरा लोगों की आंखें फटी की फटी रह गई। आखिरकार इतनी बड़ी संख्या में मूसा की अमीरी को नजरअंदाज करना सम्भब नहीं था।मूसा का यह काफिला मिसर से भी होकर गुजरा था। माना जाता है कि मूसा ने काहिरा के गरीबों को देखकर सड़क पर सोने के सिक्के बिखेर दिये थे। मिसर के गरीबों ने इससे पहले इतनी दौलत कभी नहीं देखी। बेशुमार धन मिले के कारण वहां के गरीब रातों रात अमीर हो गए। ऐसे में मिसर में अचानक से तेजी का दौर शुरू हो गया और महंगाई आसमान पर पहुंच गई। उसके बाद एक दशक से भी अधिक समय तक मिसर के लोगों पर मालीयन सम्राट का प्रभाव रहा। अपनी हज यात्रा से लौटने के बाद मूसा ने माली में कई मस्जिदों का निर्माण करवाया। वहीं एक महत्वपूर्ण शहर होने के कारण Timbuktu में भी मूसा ने स्कूल, विश्वविद्यालय, पुस्तकालय और मस्जिद बनवाई। मक्का की यात्रा के बाद अफ्रीका से बाहर भी मूसा का नाम फ्येला। इस समय दुनिया के बाकी देशों को भी मूसा की आमीरि का पता चल चुका था। वही मूसा की रईसी कि किससे यूरोप तक फैलने लग गए। यूरोपीय लोगों को तब तक मूसा की अमीरी पर भरेसा नहीं हुआ ,जब तक उन्होंने अपनी आंखोसे उसे देख नहीं लिया। आरबपति मूसा को देखकर यूरोपियन भी चौंक गए। अपनी मौत तक हज यात्रा वाले विशाल काफिले के किस्से लोगों की जुबान पर चढ़े रहे। माना जाता है कि 1337 ईसवी के आसपास मूसा की मौत हुई। ईसी किससो ने मूसा को ऐतिहासिक एटलश में अमर कर दिया।


सन् 1375 मे क्याथलिन भाषा में यूरोपियन नेभिगेटर द्वारा बनाई गई ‘Catalin atlas’ मे मनसा मूसा का जिक्र किया गया है। स्पेनिश कार्टोग्राफार Abraham Crisscross द्वारा बनाए गए इस Atlas में सोने का सिक्का और राजदंड पकड़े, ताज पहने ,सोने के सिंहासन पर बैठे मूसा को चित्रित किया गया है। Catalin Atlas वह महत्वपूर्ण मान चित्र है जिसमें उस समय की जगह को दर्शाया गया है, जहां जहां यूरोपियन लोग आए थे।

 ऐतिहासिक दस्ताबेजों से पता चलता है कि मनसा मूसा के पास बेशुमार दौलत था। अगर उनकी दौलत को आज के हिसाब से जोड़ा जाए तो यह करीब 400000 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बराबर बैठती है। वहीं भारतीय रुपयों में अगर देखा जाए तो यह रकम लगभग 2900000 करोड रुपए बनती है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि मनसा मूसा के पास उस दौर में कितनी संपत्ति रही होगी।

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